मेधावी सम्मान के बाद विवादों में आया टॉपर का नाम, फर्जीवाड़े के आरोपों की जांच के बाद कार्रवाई की चर्चा
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मेधावी छात्र सम्मान समारोह में प्रदेश के टॉपर्स को एक-एक लाख रुपये, टैबलेट, मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया था। इसी सम्मान के बाद टॉपर रजनीश से जुड़ा मामला अब चर्चा में है। रजनीश पर कथित फर्जीवाड़े के आरोप लगाए जा रहे हैं और दावा किया जा रहा है कि जांच के बाद उनकी डिग्रियां निरस्त कर दी गई हैं।
हालांकि, इस मामले में एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि वापस लिए जाने और डिग्रियां निरस्त किए जाने की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं है। इसलिए संबंधित विभाग की जांच और आधिकारिक आदेश सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जून 2026 में आयोजित राज्य स्तरीय मेधावी छात्र सम्मान समारोह में प्रदेश के विभिन्न बोर्डों के टॉपर्स को सम्मानित किया था। प्रदेश स्तर के मेधावियों को एक लाख रुपये, टैबलेट, मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए थे।
अब यदि रजनीश से जुड़े फर्जीवाड़े के आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो पुरस्कार और शैक्षिक प्रमाणपत्रों को लेकर भी नियमानुसार कार्रवाई संभव है। फिलहाल पूरे मामले में आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार है।

