कैमरे की नजर से समाज और संवेदनाओं को शब्दों से आगे पहुंचाती है फोटोग्राफी
लखनऊ में विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर आयोजित ‘कला संवाद पुस्तक’ विमोचन कार्यक्रम में सहभागिता कर पुस्तक का विमोचन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्यजनों को संबोधित करते हुए कहा गया कि फोटोग्राफी केवल तस्वीरों को संजोने की कला नहीं, बल्कि समय, समाज और मानवीय संवेदनाओं को जीवंत रूप में अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम है।
‘कला संवाद’ कला, फोटोग्राफी और रचनात्मकता के सुंदर समन्वय को नई दिशा देने का सार्थक प्रयास है। यह पुस्तक कलाकारों और रचनाकारों की कल्पनाशीलता को मंच प्रदान करने के साथ समाज में कला के महत्व को भी रेखांकित करती है।
कार्यक्रम में मा. विधायक डॉ. नीरज बोरा, मा. पार्षद श्री रणजीत सिंह, लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जयप्रकाश सैनी, कॉलेज ऑफ फाइन आर्ट्स के प्रधानाचार्य डॉ. रतन कुमार, प्रो. जय कृष्ण अग्रवाल, श्री आलोक कुमार, श्री रविकांत पांडेय, डॉ. पूनम रवि जायसवाल, श्री अतुल, श्री सुमित कुमार, श्री अमरनाथ गौर सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।



