उधम सिंह नगर। उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर पर दो अलग-अलग वाहनों के संचालित होने का मामला सामने आने से परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। एक ही नंबर दो वाहनों पर दर्ज होने की जानकारी सामने आने के बाद वाहन स्वामियों और विभागीय रिकॉर्ड की जांच की मांग उठने लगी है।
मामला सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर परिवहन विभाग के रिकॉर्ड में एक ही पंजीकरण संख्या दो वाहनों के लिए कैसे दर्ज हो गई? यदि दोनों वाहनों के दस्तावेज और नंबर प्लेट एक जैसे हैं, तो यह गंभीर तकनीकी अथवा दस्तावेजी गड़बड़ी का संकेत हो सकता है।
जानकारों का कहना है कि ऐसे मामलों में वाहन के चेसिस नंबर, इंजन नंबर, मॉडल, वाहन स्वामी के विवरण और आरसी रिकॉर्ड का मिलान कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जा सकती है। साथ ही यह भी जांच जरूरी है कि कहीं फर्जी नंबर प्लेट या दस्तावेजों का इस्तेमाल तो नहीं किया गया।
मामले ने परिवहन विभाग की ऑनलाइन वाहन पंजीकरण व्यवस्था और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि विभाग इस मामले की जांच कर जिम्मेदार व्यक्ति या स्तर के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।

