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राजत शर्मा का अपनी बेटी के साथ भावुक पल लोगों का दिल जीत रहा है

प्यार और गर्व से भरा यह खास पल सच में दिल को छू लेने वाला है। राजत शर्मा ने अपनी बेटी के जीवन के इस महत्वपूर्ण दिन की कुछ बेहद…

प्रीपेड मृत्यु

Pune के एक बड़े श्मशान घाट में दोपहर के 3 बजे थे।‘रोहन’ (उम्र 35 वर्ष),जो अमेरिका की एक बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी में वाइस प्रेसिडेंट था,अभी-अभी फ्लाइट से उतरकर सीधे श्मशान…

अंधेरा हारा! सपना जीता

केरल की 24 वर्षीय वकील थान्या नाथन सी भारत की पहली पूर्णतः दृष्टिबाधित (100% ब्लाइंड) महिला जज बनने जा रही हैं उन्होंने केरल न्यायिक सेवा परीक्षा में बेंचमार्क डिसेबिलिटी श्रेणी…

आंखों में आंसू, चेहरे पर डर और कंधों पर ऐसा बोझ, जिसे उठाने की ताकत शायद किसी बच्चे में नहीं होती।

आंखों में आंसू, चेहरे पर डर और कंधों पर ऐसा बोझ, जिसे उठाने की ताकत शायद किसी बच्चे में नहीं होती। यह दर्दनाक कहानी उत्तर प्रदेश के एटा से सामने…

क्या सच में हिंदू खतरे में है? — एक आत्ममंथन

आज के समय में यह वाक्य बहुत आम हो गया है— “हिंदू खतरे में है।”चर्चाओं में, भाषणों में, सोशल मीडिया पर और चौराहों की बहसों में यह बात बार-बार दोहराई…

नए साल पर नए संकल्प के साथ जीवन में नया करने की बात कहने की परंपरा रही है.

नए साल पर नए संकल्प के साथ जीवन में नया करने की बात कहने की परंपरा रही है. ठीक से देखे तो हर वक्त नया है- सेकंड के बाद अगला…

“मेरी संपत्ति से दूर रहो, भिखारी!” ये शब्द मेरे ससुर के थे, जबकि मानसून की बारिश मेरे बच्चों को भिगो रही थी और गुजरात की लाल मिट्टी मेरी इज्जत को ढक रही थी। उन्होंने सोचा कि मुझे बाहर निकाल कर उन्होंने सब कुछ ले लिया। उन्होंने सोचा कि एक अकेली महिला, बिना किसी परिवार या दौलत के, राजकोट के सबसे अमीर जमींदारों की ताकत के सामने हार मान जाएगी।

लेकिन वे कुछ नहीं जानते थे। उन्हें नहीं पता था कि अर्जुन, मेरे प्रिय पति, बिना किसी निशान के नहीं गए थे। साबरमती नदी के क्रेमेटोरियम में अपनी कब्र से…

जेकब मैथ्यू कोऑर्डिनेटिंग एडिटर के पद पर प्रोन्नत !

जेकब मैथ्यू को एसोसिएटेड ब्रॉडकास्टिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड (TV9 न्यूज़ नेटवर्क) में नेटवर्क कोऑर्डिनेटिंग एडिटर के पद पर प्रोन्नत किया गया है। जेकब मैथ्यू एक अंतरराष्ट्रीय ख्याति-प्राप्त पत्रकार हैं, जिनके…

ज़िंदगी के उस पड़ाव पर,जहाँ ज़्यादातर लोग आराम चुनते हैं…

उन्होंने फिर एक बार दूसरों के लिए खड़े होने का फैसला किया।लगभग 100 साल की उम्र मे डॉ. के. लक्ष्मी बाई ने अपनी पूरी जीवनभर की जमा-पूंजी—3.4 करोड़ रुपये, AIIMS…

एक औरत के लिए अपने पति को खोना

एक औरत के लिए अपने पति को खो देना, जीवन की सबसे दर्दनाक परीक्षाओं में से एक है। यह सिर्फ एक व्यक्ति का जाना नहीं होता, बल्कि उसके साथ एक…