उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में वकीलों के कथित अवैध चैंबर हटाने की कार्रवाई के दौरान हुए हंगामे और पुलिस बल प्रयोग को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कन्नौज सांसद Akhilesh Yadav ने इस मामले में भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है।
सपा प्रमुख ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें एक अधिवक्ता हाथ में पवित्र ग्रंथ ‘श्रीरामचरितमानस’ लिए दिखाई दे रहा है और सामने पुलिसकर्मी लाठी ताने खड़े हैं। इस तस्वीर को साझा करते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार को “अधर्मी” बताते हुए कहा कि ‘श्रीरामचरितमानस’ हमारी सौहार्दपूर्ण संस्कृति का संविधान और मानवीय मर्यादाओं का आचार संहिता कोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि लखनऊ में जिस तरह इसका अपमान हुआ है, वह क्षमा योग्य नहीं है।
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि भाजपा का सिर्फ एक ही धर्म है और वह पैसा है। उन्होंने नारा देते हुए लिखा, “धर्म कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!” साथ ही घायल वकीलों के मुफ्त इलाज की मांग भी की।
दरअसल, पूरा मामला रविवार को लखनऊ के वजीरगंज इलाके का है, जहां नगर निगम की टीम कथित अवैध चैंबर हटाने पहुंची थी। कार्रवाई का अधिवक्ताओं ने विरोध किया, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल का प्रयोग किया गया।
वहीं, पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई Allahabad High Court के आदेशों के अनुपालन में की गई। प्रशासन के अनुसार अदालत परिसर और उसके आसपास से अतिक्रमण हटाना आवश्यक था। अधिकारियों का कहना है कि कुछ लोगों ने सरकारी कार्य में बाधा डालने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने आवश्यक बल प्रयोग कर स्थिति को नियंत्रित किया और अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई पूरी

