लखनऊ।
राजधानी लखनऊ में आयोजित भव्य और दिव्य सुंदरकांड पाठ ने श्रद्धा, भक्ति और सनातन आस्था का ऐसा अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया, जिसकी चर्चा लंबे समय तक होती रहेगी। स्वतंत्र भारत के इतिहास में शायद ही किसी मंत्री, विधायक या सांसद के आवास पर इतना अलौकिक, विशाल और भक्तिमय आयोजन देखने को मिला हो।
पूरा वातावरण “जय श्रीराम” और “बजरंग बली की जय” के उद्घोष से गूंज उठा। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो अयोध्या की पावन छटा स्वयं लखनऊ में उतर आई हो। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और रामभक्तों के उत्साह ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
सुंदरकांड पाठ और भंडारे में शामिल होने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। स्थिति यह रही कि लखनऊ कमिश्नरेट के अधिकारियों को भी व्यवस्था और ट्रैफिक संभालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। हर ओर भक्ति, आस्था और सनातन संस्कृति का अनुपम संगम दिखाई दे रहा था।
आयोजन का सबसे गौरवपूर्ण और दिव्य क्षण वह रहा, जब सनातन धर्म के तेजस्वी ध्वजवाहक और रामभक्तों में अग्रणी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं सुंदरकांड पाठ और भंडारे में आशीर्वाद देने पहुंचे। उनके आगमन से पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हो उठा और उपस्थित श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर दौड़ गई।
हनुमान जी की कृपा और भक्ति का ऐसा प्रभाव दिखाई दिया कि हर भक्त भावविभोर नजर आया। आयोजन में उमड़ी श्रद्धालुओं की अपार भीड़ ने यह भी साबित कर दिया कि सनातन संस्कृति और भगवान श्रीराम के प्रति लोगों की आस्था आज भी उतनी ही प्रबल और जीवंत है।
हालांकि, श्रद्धालुओं की भारी संख्या के बीच एक बात हर किसी की जुबान पर रही कि डिप्टी सीएम आवास श्रद्धालुओं की इस अपार आस्था के सामने छोटा पड़ गया। लेकिन भक्तों के उत्साह और भक्ति ने हर असुविधा को भी आनंदमय बना दिया।



