केरल की 24 वर्षीय वकील थान्या नाथन सी भारत की पहली पूर्णतः दृष्टिबाधित (100% ब्लाइंड) महिला जज बनने जा रही हैं उन्होंने केरल न्यायिक सेवा परीक्षा में बेंचमार्क डिसेबिलिटी श्रेणी के तहत प्रथम स्थान हासिल कर यह ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है कन्नूर जिले की रहने वाली थान्या जन्म से ही दृष्टिबाधित हैं लेकिन उन्होंने अपनी शारीरिक बाधाओं को कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया 2024 में कन्नूर विश्वविद्यालय से एलएलबी की परीक्षा में टॉप कर उन्होंने पहले ही अपनी काबिलियत साबित कर दी थी पढ़ाई और कानूनी शोध के लिए वह ब्रेल लिपि स्क्रीन-रीडर सॉफ्टवेयर और ऑडियो नोट्स का सहारा लेती हैं और लगातार खुद को बेहतर बनाती रही हैं वर्तमान में वह कन्नूर के तालिपरम्बा में प्रैक्टिसिंग वकील के रूप में कार्य कर रही हैं उनकी यह उपलब्धि भारतीय न्यायपालिका में दिव्यांगों के लिए बढ़ती समावेशिता और समान अवसरों का मजबूत संदेश मानी जा रही है उल्लेखनीय है कि वर्ष 2013 में राजस्थान के ब्रह्मानंद शर्मा देश के पहले 100% ब्लाइंड पुरुष जज बने थे और अब थान्या नाथन सी यह गौरव हासिल करने वाली पहली महिला बनने जा रही हैं यह कहानी सिर्फ एक सफलता नहीं बल्कि हौसले आत्मविश्वास और अटूट संकल्प की मिसाल है

