मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि दिवाकर ने जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) संदीप कुमार की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने क्षेत्राधिकारी (सीओ) को निर्देश दिया है कि बीएसए को गिरफ्तार कर 12 अक्टूबर को हर हाल में अदालत में पेश किया जाए। इस आदेश के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है। क्या है पूरा मामला? मामला एक महिला के घर में घुसकर उसके साथ मारपीट करने से जुड़ा है। इस प्रकरण में दो आरोपियों की उम्र को लेकर विवाद सामने आया था। अदालत ने बीएसए संदीप कुमार को दोनों आरोपियों की उम्र से संबंधित दस्तावेजों के साथ पेश होने के निर्देश दिए थे। आरोप है कि बीएसए ने अदालत के आदेश का अनुपालन नहीं किया। इसी को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय ने उनकी गिरफ्तारी कर निर्धारित तिथि पर पेश करने के निर्देश जारी किए। मौत की सजा सुनाने के लिए भी चर्चा में रहे हैं जज रवि दिवाकर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि दिवाकर अपने सख्त न्यायिक रुख और कई चर्चित फैसलों के कारण सुर्खियों में रहे हैं। उन्हें मृत्युदंड के मामलों में सजा सुनाने वाले न्यायाधीश के रूप में भी जाना जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नवंबर 2025 से मुजफ्फरनगर में तैनाती के दौरान वह 23 दोषियों को मृत्युदंड सुना चुके हैं, जबकि अपने पूरे न्यायिक करियर में 36 दोषियों को फांसी की सजा सुना चुके हैं। अदालत के आदेश की अवहेलना पर सख्ती इस मामले में अदालत का रुख स्पष्ट संदेश देता है कि न्यायिक प्रक्रिया के तहत जारी निर्देशों का पालन करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। अब सबकी निगाहें 12 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जब बीएसए संदीप कुमार को अदालत में पेश किए जाने की स्थिति स्पष्ट होगी।