गाजियाबाद। गाजियाबाद की कचहरी इन दिनों एक अनोखी दोस्ती की वजह से चर्चा में है। यहां एक बंदर रोजाना एक वकील के चैंबर में पहुंचता है और रोटी खाकर वापस लौट जाता है। कचहरी आने वाले लोग जब इस नजारे को देखते हैं तो कुछ पल के लिए उनकी नजरें भी इस अनोखे रिश्ते पर ठहर जाती हैं।
बताया जा रहा है कि वकील महेश यादव और बंदर की यह दोस्ती काफी पुरानी है। बंदर को न किसी मुकदमे की चिंता है और न ही अगली तारीख की फिक्र। उसका मकसद बिल्कुल साफ है—अपने खास दोस्त के पास पहुंचना और प्यार से मिलने वाली रोटी खाना।
बंदर जैसे ही वकील के चैंबर में पहुंचता है, वह उनके पास बैठ जाता है। वकील भी उसे दुलार के साथ रोटी खिलाते हैं। रोटी मिलने के बाद बंदर आराम से बैठकर उसे खाता है और फिर अपने रास्ते चला जाता है।
धीरे-धीरे यह सिलसिला रोज की मुलाकात में बदल गया और इंसान व जानवर के बीच अपनापन ऐसा बढ़ा कि यह रिश्ता कचहरी में आने वाले लोगों के लिए भी कौतूहल का विषय बन गया।
इस अनोखी दोस्ती में न कोई स्वार्थ है, न कोई मतलब—बस अपनापन है और रोटी का एक छोटा सा निवाला। यही वजह है कि वकील और बंदर की यह दोस्ती अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है और सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है।
कभी-कभी रिश्ते शब्दों से नहीं, सिर्फ भावनाओं से बनते हैं।

