चार दशक तक बदलता रहा ठिकाना और चेहरा, लेकिन कानून की नजर से नहीं बच सका आरोपी; पुरानी तस्वीर और मुखबिर की सूचना बनी गिरफ्तारी की वजह
झांसी (उत्तर प्रदेश)।
कहते हैं कि कानून के हाथ लंबे होते हैं और अपराध का हिसाब कभी खत्म नहीं होता। झांसी में यह कहावत एक बार फिर सच साबित हुई है। करीब चार दशक पुराने छेड़छाड़ के मामले में फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। खास बात यह रही कि आरोपी की पहचान उसके 80 के दशक के पुराने फोटो और रिकॉर्ड के आधार पर की गई।
24 साल की उम्र में दर्ज हुआ था मुकदमा
मामला वर्ष 1985 का बताया जा रहा है। उस समय आरोपी की उम्र करीब 24 वर्ष थी। उसके खिलाफ एक महिला से छेड़छाड़ के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जमानत मिल गई।
जमानत मिलने के बाद आरोपी न्यायालय में होने वाली पेशियों से लगातार गैरहाजिर रहने लगा और धीरे-धीरे पुलिस की पकड़ से दूर हो गया। इसके बाद न्यायालय ने उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी कर दिया।
चार दशक में बदल गया चेहरा, नहीं बदला अपराध का रिकॉर्ड
लगभग 40 वर्षों के दौरान आरोपी का हुलिया पूरी तरह बदल चुका था। उम्र के साथ चेहरे में आए बदलाव के कारण उसे पहचानना पुलिस के लिए आसान नहीं था। ऐसे में पुलिस ने पुराने रिकॉर्ड और 80 के दशक की तस्वीर को आधार बनाया।
पुलिस टीम ने आरोपी की पहचान सुनिश्चित करने के लिए पुराने दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध जानकारियों का सहारा लिया। इसी दौरान पुलिस को आरोपी के झांसी क्षेत्र में छिपे होने की सूचना मिली।
मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तारी
पुलिस ने सर्विलांस और मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए आरोपी की तलाश तेज की। सटीक सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 64 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
बताया गया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा, लेकिन चार दशक बाद पुलिस आखिरकार उस तक पहुंच गई।
अदालत ने भेजा जेल
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
करीब चार दशक पुराने मामले में हुई इस गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि समय कितना भी बीत जाए, कानून की पकड़ से अपराध हमेशा के लिए नहीं बच सकता।

