नई दिल्ली। सरिता विहार इलाके में इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया, जहां एक 6–7 दिन के नवजात शिशु को सड़क पर लावारिस हालत में छोड़ दिया गया। मासूम ने अभी दुनिया को ठीक से देखना भी शुरू नहीं किया था कि उसे मरने के लिए छोड़ दिया गया।
लेकिन कहते हैं—“जाको राखे साइयां, मार सके न कोय।” समय रहते दिल्ली पुलिस की S-E PCR वैन की नजर मासूम पर पड़ी। पुलिसकर्मियों ने तत्काल नवजात को रेस्क्यू किया और उपचार के लिए AIIMS पहुंचाया, जहां उसकी जान बचाई जा सकी।
जिस मासूम के सिर पर अपनों का हाथ होना चाहिए था, उस वक्त खाकी वर्दी ही उसका सहारा बन गई। पुलिसकर्मियों की तत्परता ने एक नन्ही जिंदगी को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि वर्दी सिर्फ कानून-व्यवस्था नहीं संभालती, कभी-कभी किसी की पूरी जिंदगी बचा लेती है।

