मुरादाबाद में बंदरों की समस्या के स्थायी समाधान की पहल, जिला स्तरीय टास्क फोर्स बनेगी
मुरादाबाद। जनपद में बंदरों की बढ़ती समस्या के स्थायी एवं वैज्ञानिक समाधान की दिशा में जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में बंदरों के संरक्षण और आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला स्तरीय टास्क फोर्स गठित करने तथा रामगंगा नदी के तटीय क्षेत्र में प्राकृतिक आवास विकसित करने का निर्णय लिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि बंदरों की समस्या का समाधान केवल अस्थायी उपायों से संभव नहीं है, बल्कि उनके जैविक व्यवहार और प्राकृतिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिक एवं दीर्घकालिक रणनीति अपनानी होगी। उन्होंने वन विभाग और नगर निगम को संयुक्त कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि रामगंगा तट पर विभिन्न प्रजातियों के फलदार एवं छायादार पौधों का व्यापक रोपण कराया जाएगा, जिससे बंदरों के लिए प्राकृतिक भोजन और सुरक्षित आवास उपलब्ध हो सके तथा उन्हें प्राकृतिक परिवेश में स्थानांतरित किया जा सके।
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रस्तावित जिला स्तरीय टास्क फोर्स में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ वन्यजीव एवं प्रकृति संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि व्यावहारिक और प्रभावी समाधान सुनिश्चित हो सके।
बैठक में पशु अधिकार एवं वन्यजीव संरक्षण विशेषज्ञ गौरी मउलेखी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुईं। उन्होंने दिल्ली के असोला वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी मॉडल की जानकारी साझा की, जिस पर जिलाधिकारी ने मुरादाबाद में भी इसी प्रकार का प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्र विकसित करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान पेड़ों की कटान की अनुमति के बाद पौधरोपण एवं अन्य शर्तों के अनुपालन की समीक्षा कराने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही, तेंदुए की गतिविधियों वाले क्षेत्रों में केज ट्रैप उपलब्ध कराने और वन विभाग की रेस्क्यू व्यवस्था को और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि प्रशासन का उद्देश्य वन्यजीवों का संरक्षण और आमजन की सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित करना है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित, वैज्ञानिक, मानवीय एवं पर्यावरणीय दृष्टिकोण अपनाते हुए स्थायी समाधान की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सुश्री मृणाली अविनाश जोशी, अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार, अपर जिलाधिकारी नगर अंकुर श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन संगीता गौतम, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शक्ति दुबे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

