मुरादाबाद मंडल के धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों के विकास पर सरकार का फोकस, 2026-27 में 50 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार
मुरादाबाद मंडल में पर्यटन को मिलेगी नई पहचान, मंत्री जयवीर सिंह ने 2026-27 की विकास योजनाओं की समीक्षा
लखनऊ/मुरादाबाद, 23 जुलाई।
उत्तर प्रदेश सरकार ने मुरादाबाद मंडल को धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से नई पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने गुरुवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के अंतर्गत मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर, रामपुर और संभल जनपदों से संबंधित पर्यटन, संस्कृति, पुरातत्व, संग्रहालय एवं धर्मार्थ कार्य विभाग की प्रस्तावित और निर्माणाधीन परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि एक करोड़ रुपये तक की सभी परियोजनाओं को नवंबर 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए, ताकि जनता को समय पर सुविधाओं का लाभ मिल सके।
पर्यटन विभाग की ओर से 24 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 16 विकास प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इनमें मुरादाबाद के 5, अमरोहा के 3, बिजनौर के 4, रामपुर के 2 तथा संभल के 2 प्रस्ताव शामिल हैं। इन परियोजनाओं के तहत मंदिरों, गुरुद्वारों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर बहुउद्देशीय हॉल, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, सुलभ शौचालय, क्यूआर कोड युक्त साइनेज, पर्यटक बेंच और लैंडस्केपिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
बैठक में पुरातत्व विभाग द्वारा संभल की ऐतिहासिक प्राचीन बावली के संरक्षण एवं विकास के लिए 1.54 करोड़ रुपये की परियोजना प्रस्तुत की गई। वहीं संग्रहालय निदेशालय ने रामपुर स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर संग्रहालय एवं पुस्तकालय के उच्चीकरण तथा बिजनौर के नजीबाबाद में कवि दुष्यंत कुमार के पैतृक आवास को संग्रहालय, पुस्तकालय और ऑडिटोरियम के रूप में विकसित करने की 6.88 करोड़ रुपये की योजना पर प्रस्तुतीकरण दिया।
संस्कृति विभाग की ओर से अमरोहा, बिजनौर और रामपुर में रामलीला मैदानों के सुदृढ़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण की लगभग 15.97 करोड़ रुपये लागत वाली चार निर्माणाधीन परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। इन परियोजनाओं के माध्यम से धार्मिक आयोजनों के साथ स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा देने की योजना है।
धर्मार्थ कार्य विभाग ने बिजनौर स्थित संत शिरोमणि रविदास मंदिर के जीर्णोद्धार तथा संभल के पांच प्रमुख तीर्थ स्थलों के विकास से जुड़े दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किए, जिनकी अनुमानित लागत 2.54 करोड़ रुपये है।
बैठक का एक प्रमुख आकर्षण मुरादाबाद के कांठ क्षेत्र में प्रस्तावित 4.75 करोड़ रुपये की ईको-टूरिज्म परियोजना रही। इस परियोजना के तहत क्लॉक टॉवर, वॉच टॉवर, नेचर ट्रेल, झील किनारे कैफे और आकर्षक लैंडस्केपिंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे कांठ क्षेत्र को प्रकृति पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ स्थानीय पर्यटन और रोजगार को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य पर्यटन स्थलों को केवल विकसित करना नहीं, बल्कि उन्हें आधुनिक सुविधाओं से युक्त, आकर्षक और जन-उपयोगी केंद्रों के रूप में स्थापित करना है।


