वाराणसी कोर्ट का बड़ा आदेश—CO कौशांबी सत्येंद्र तिवारी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के निर्देश, वेतन रोकने का भी आदेश
प्रयागराज। प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर पर पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण हादसे के बाद पीड़ित परिवारों के गले लगकर भावुक होने वाले CO सत्येंद्र तिवारी अब खुद कानूनी शिकंजे में फंसते नजर आ रहे हैं।
वाराणसी की विशेष एससी-एसटी अदालत ने CO सत्येंद्र तिवारी की गिरफ्तारी का आदेश जारी किया है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जाए। साथ ही, अदालत ने उनका वेतन रोकने का भी आदेश दिया है।
दरअसल, मामला वर्ष 2018 के एक एससी-एसटी एक्ट से जुड़े प्रकरण का है। इस मामले में सत्येंद्र तिवारी विवेचक रहे थे। मुकदमे की सुनवाई के दौरान उनकी गवाही बेहद महत्वपूर्ण थी। अदालत की ओर से उन्हें गवाही के लिए कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद वह निर्धारित तिथियों पर न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए।
बार-बार समन और नोटिस के बावजूद कोर्ट में गवाही देने नहीं पहुंचने पर अदालत ने अब सख्त रुख अपनाते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी करने के साथ वेतन रोकने का आदेश दिया है।
एक ओर पटाखा फैक्ट्री हादसे के बाद पीड़ितों के दर्द में शामिल होकर भावुक होने को लेकर CO सत्येंद्र तिवारी सुर्खियों में आए थे, वहीं अब पुराने एससी-एसटी मामले में अदालत की अवहेलना के चलते उनकी गिरफ्तारी का आदेश चर्चा का विषय बन गया है।
अब बड़ा सवाल यह है कि अदालत के आदेश के बाद CO सत्येंद्र तिवारी की गिरफ्तारी कब होती है और उन्हें कोर्ट में कब पेश किया जाता है।

