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47 साल का इंतजार खत्म: हाई कोर्ट के आदेश से बुजुर्ग विधवा को मिला न्याय और पेंशन का अधिकार”

47 साल बाद मिला न्याय: 82 वर्षीय कलावती देवी को मिलेगी पारिवारिक पेंशन
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर की रहने वाली 82 वर्षीय कलावती देवी को 47 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार न्याय मिल गया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट के सख्त निर्देश के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग ने उनकी पारिवारिक पेंशन को मंजूरी दे दी है।
कलावती देवी के पति टीटी यादव जौनपुर के एक इंटर कॉलेज में सहायक अध्यापक थे। 26 नवंबर 1979 को नौकरी के दौरान उनका निधन हो गया था। नियमानुसार कलावती देवी को उस समय 217 रुपये प्रतिमाह पारिवारिक पेंशन मिलनी चाहिए थी, लेकिन विभाग ने पुराने अभिलेख उपलब्ध न होने का हवाला देकर पेंशन देने से इनकार कर दिया।
साल 2024 में कलावती देवी के दामाद ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दायर की। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने विभाग की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए तत्काल पेंशन स्वीकृत करने का आदेश दिया।
अदालत के आदेश के अनुपालन में 20 मई को पेंशन फाइल को मंजूरी दे दी गई। अब कलावती देवी को वर्तमान वेतनमान के अनुसार नियमित पारिवारिक पेंशन मिलेगी। इसके साथ ही पिछले 47 वर्षों का बकाया एरियर और ग्रेच्युटी की राशि भी प्रदान की जाएगी।
यह मामला न केवल एक बुजुर्ग महिला के संघर्ष और धैर्य की मिसाल है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि न्याय भले देर से मिले, लेकिन मिलता अवश्य है।

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