अभियान के दौरान 04 प्रतिष्ठानो से 05 बाल श्रमिको का चिन्हांकन किया गया तथा 02 प्रतिष्ठान से 03 किशोर श्रमिक को चिन्हित किया गया। चिन्हित समस्त 05 बाल श्रमिकों को उनके आयु परीक्षण हेतु सम्बन्धित श्रम प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा मुख्य चिकित्साधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया जिसके पश्चात् उनकी सुपुर्दगी हेतु बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किये जाने की कार्यवाही की गयी।
इन प्रतिष्ठान के नियोजको द्वारा बाल एवं किशोर श्रम(प्रतिशोध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 यथा संशोधित 2016 के अधिनियम का उल्लघंन किये जाने के कारण सम्बन्धित नियोजको के विरूद्ध अधिनियम के अन्तर्गत निरीक्षण टिप्पणी निर्गत कर मौके पर ही हस्तगत करा दी गयी है तथा प्रकरण में निरीक्षणोपरान्त अग्रिम कार्यवाही अपनायी जा रही है। उप श्रमायुक्त द्वारा नियोजको को भविष्य मे बाल एवं किशोर श्रमिकों से कार्य न लिये जाने हेतु सचेत किया गया।

