लखनऊ। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाज़ा उनके सरकारी आवास पर उमड़ने वाली भीड़ से लगाया जा सकता है। रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर उनसे मिलने पहुंचते हैं, जिससे वर्तमान आवास परिसर कई बार छोटा पड़ जाता है।
सुबह से ही समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की लंबी कतारें लग जाती हैं। कई बार बैठने की पर्याप्त व्यवस्था न होने और सीमित स्थान के कारण लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि डिप्टी सीएम की सक्रियता और जनसंपर्क शैली के कारण लोगों का भरोसा बढ़ा है, जिससे उनके आवास पर भीड़ लगातार बढ़ रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जनप्रतिनिधि के रूप में बृजेश पाठक की स्वीकार्यता और सक्रियता को देखते हुए राज्य सम्पत्ति विभाग को उनके लिए बड़े और सुव्यवस्थित आवास की व्यवस्था पर विचार करना चाहिए, ताकि आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और जनसुनवाई सुचारु रूप से संचालित हो सके।
समर्थकों का कहना है कि बड़ा आवास मिलने से सुरक्षा, बैठक व्यवस्था और जनसंपर्क कार्यक्रमों के आयोजन में भी सहूलियत होगी। अब देखना यह है कि राज्य सम्पत्ति विभाग इस मांग पर क्या निर्णय लेता है।




