• Sat. Feb 21st, 2026

तुम्हारी शक़्ल जो ख़्वाबों में देख ली हमनेअजीब कैफ़ में काटी है ज़िन्दगी हमने

तुम्हारी शक़्ल जो ख़्वाबों में देख ली हमने
अजीब कैफ़ में काटी है ज़िन्दगी हमने

मुनासबत है अज़ल से तुम्हारे दामन से
तमाम उम्र इसी में गुज़ार दी हमने

तुम्हारा इश्क़ हमारे लिए बहुत कुछ है
तमाम उम्र इसी में गुज़ार दी हमने

वो और हैं जो तनाज़े की बात करते हैं
सदा से की है मोहब्बत की शायरी हमने

हसद की आग में जलना हमारा काम नहीं
मोहब्बतों में गुज़ारी है ज़िन्दगी हमने

अंधेरा फैला हुआ था समाज में हर सू
सुख़न से अपने बिखेरी है रौशनी हमने

हमारा नाम है नूरूस्सबाह ख़ान “सबा”
हमेशा रक्खी हवाओं से दोस्ती हमने

नूरूस्सबाह “सबा”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *