तुम्हारी शक़्ल जो ख़्वाबों में देख ली हमनेअजीब कैफ़ में काटी है ज़िन्दगी हमने
तुम्हारी शक़्ल जो ख़्वाबों में देख ली हमनेअजीब कैफ़ में काटी है ज़िन्दगी हमने मुनासबत है अज़ल से तुम्हारे दामन सेतमाम उम्र इसी में गुज़ार दी हमने तुम्हारा इश्क़ हमारे…
परिवार; समाज ; देश की प्रगति में भागीदार बनना बेटियों की भी ज़िम्मेदारी है
बेटियों अगर अगर शिक्षा लेने के लिए घर की चहारदीवारी लाँघनी पडे तो कभी संकोच मत करना। परिवार; समाज ; देश की प्रगति में भागीदार बनना हम बेटियों की भी…
