अंतिम संस्कार और पिंडदान के 15 दिन बाद जिंदा मिला बेटा, जेल से आया फोन तो परिवार के उड़ गए होश
कपूरथला। पंजाब के कपूरथला से एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस जांच और शव की पहचान पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस युवक को परिवार ने अपना बेटा रवि समझकर अंतिम संस्कार कर दिया और उसकी आत्मा की शांति के लिए रस्में भी पूरी कर दीं, वह करीब 15 दिन बाद जेल में जिंदा मिला।
जानकारी के मुताबिक, परिवार को एक गली-सड़ी अवस्था में अज्ञात शव मिला था। शव की पहचान कथित तौर पर कपड़ों के आधार पर रवि के रूप में की गई। इसके बाद परिवार ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। अंतिम संस्कार के बाद परिवार ने भोग सहित अन्य धार्मिक रस्में भी पूरी कर लीं।
लेकिन करीब 15 दिन बाद परिवार के पास जेल से फोन आया। फोन पर पता चला कि जिसे मृत समझकर परिवार अंतिम संस्कार कर चुका है, वह रवि तो जेल में जिंदा है। यह जानकारी मिलते ही परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया, वह किसका था और उसकी पहचान रवि के रूप में कैसे हुई? कपड़ों के आधार पर हुई पहचान ने पुलिस की जांच और शव की शिनाख्त की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले के सामने आने के बाद पुलिस के सामने अब उस अज्ञात शव की वास्तविक पहचान करना सबसे बड़ी चुनौती है। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि शव की पहचान में इतनी बड़ी चूक आखिर कैसे हुई।

