हैदराबाद। तेलंगाना से हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां उम्रकैद की सजा पाए एक कैदी ने पैरोल मिलने के बाद जेल में वापस लौटने के बजाय करीब 40 साल तक सामान्य जिंदगी जी। इतना ही नहीं, उसने सरकारी शिक्षक की नौकरी हासिल की और उसे ‘बेस्ट टीचर’ अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, संडुला वीरन्ना को वर्ष 1983 में हत्या और दंगे के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। दिसंबर 1983 में उसे पैरोल मिली थी और मार्च 1984 में उसे जेल वापस लौटना था, लेकिन वह निर्धारित तारीख पर जेल नहीं पहुंचा।
इसके बाद वीरन्ना ने अपनी पहचान छिपाकर सरकारी स्कूल में शिक्षक के तौर पर नौकरी कर ली। वर्ष 2004 में उसे श्रेष्ठ शिक्षक का पुरस्कार भी मिला। वह वर्ष 2013 में सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हो गया।
करीब चार दशक बाद पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स ने 16 मई 2024 को उसे गिरफ्तार कर लिया। मामले में उसकी पत्नी ने तेलंगाना हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अदालत ने राहत देने से इनकार कर दिया।

