गोरखपुर। आज प्रातः गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को नेपाल के आराध्य देव के पावन प्रसाद का अर्पण किया गया। इस अवसर पर उन्हें भारतीय योग परंपरा की गूढ़ साधना को दर्शाता एक दुर्लभ पारंपरिक थांगका तेलचित्र भी भेंट किया गया।
यह विशेष थांगका चित्र मूलाधार से सहस्रार तक की आध्यात्मिक यात्रा को रंगों के माध्यम से प्रस्तुत करता है, जो भारतीय योग और ध्यान परंपरा का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। चित्र में योग-ध्यान चक्रों का सूक्ष्म एवं कलात्मक चित्रण किया गया है, जो साधक की आंतरिक चेतना की यात्रा को दर्शाता है।
इस अवसर पर गोरक्षनाथ पीठ और नेपाल के बीच सदियों पुराने आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक संबंधों का भी स्मरण किया गया। नाथ संप्रदाय में भगवान शिव को आराध्य माना जाता है और गुरु द्वारा स्थापित साधना परंपरा आज भी भारत और नेपाल के सांस्कृतिक संबंधों को सुदृढ़ बनाए हुए है।
कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं एवं संतों ने इस आध्यात्मिक मिलन को भारत-नेपाल की साझा सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपरा के प्रति श्रद्धा का प्रतीक बताया। अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस विशेष भेंट को स्वीकार करने के लिए आभार व्यक्त किया गया।

