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संवेदनशील जिलाधिकारी ने जीता दिल, बुजुर्ग महिला की मदद को बढ़ाया मानवीय हाथ


गाजियाबाद। अपनी वृद्धावस्था पेंशन खाते में न आने की शिकायत लेकर एक बुजुर्ग महिला जिलाधिकारी रविन्द्र मातंड से मिलने पहुंचीं। महिला ने अपनी आर्थिक परेशानियों और पेंशन न मिलने की समस्या जिलाधिकारी के सामने रखी।
जिलाधिकारी रविन्द्र मातंड ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संबंधित अधिकारी से फोन पर वार्ता की और पेंशन की राशि शीघ्र महिला के खाते में भेजे जाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि भविष्य में महिला को इस प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बुजुर्ग महिला की व्यथा और कठिन परिस्थितियों को देखकर जिलाधिकारी भावुक हो गए। उन्होंने संवेदनशीलता और मानवीयता का परिचय देते हुए अपने परीक्षा ड्यूटी मानदेय से प्राप्त 22 हजार रुपये की राशि महिला के थैले में रख दी। जिलाधिकारी के इस अप्रत्याशित सहयोग से महिला की आंखें नम हो गईं और उन्होंने भावुक होकर उनका आभार व्यक्त किया।
जिलाधिकारी की इस मानवीय पहल की चर्चा पूरे जनपद में हो रही है। आमजन उनके इस व्यवहार की सराहना करते हुए कह रहे हैं कि प्रशासनिक पद पर रहते हुए भी उन्होंने संवेदनशीलता और सेवा भाव का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जो समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
लोगों का कहना है कि अधिकारी केवल आदेश देने से नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के दर्द को समझकर उनकी मदद करने से जनता के दिलों में जगह बनाते हैं। जिलाधिकारी रविन्द्र मातंड का यह कदम प्रशासन और मानवता के सुंदर समन्वय का उदाहरण बन गया है।

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