वैशाली। बिहार के वैशाली जिले में 34 साल पुराने फायरिंग मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। वर्ष 1992 में हुई अंधाधुंध फायरिंग के मामले में 85 वर्षीय दीप राय को दोषी करार देते हुए जेल की सजा सुनाई गई है।
मामले की सुनवाई कर रही वैशाली कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर दीप राय को दोषी पाया। बताया जाता है कि वर्ष 1992 में हुए इस विवाद के दौरान आरोपी ने फायरिंग की थी, जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी। घटना के बाद मामला न्यायालय में विचाराधीन रहा और लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद आखिरकार अदालत ने अपना फैसला सुनाया।
कोर्ट के फैसले के बाद मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि न्याय मिलने में भले ही तीन दशक से अधिक समय लग गया हो, लेकिन कानून के सामने कोई भी व्यक्ति जवाबदेही से बच नहीं सकता। इस फैसले को न्यायिक व्यवस्था में लोगों के विश्वास को मजबूत करने वाला माना जा रहा है।
अदालत के आदेश के बाद दोषी दीप राय को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। 34 साल पुराने इस मामले के फैसले की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है।

