लखनऊ के आलमनगर स्थित ‘रामानुज भागवत वेद विद्यापीठ गुरुकुल’ में शिक्षा के नाम पर जो खौफनाक खेल खेला गया, उसने पूरे देश को झकझोर दिया है। 11 वर्षीय दिव्यांश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने वह सच सामने रखा है जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा फट जाए।
📍 पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ ‘क्रूरता’ का खुलासा
- 43 घाव और सिगरेट के दाग: मासूम दिव्यांश के शरीर पर 43 गंभीर चोटों के निशान मिले हैं। उसे 11 बार सिगरेट से जलाया गया था।
- बेरहमी से पिटाई: किसी भारी वस्तु से उसके सीने, पीठ और पैरों पर इस कदर प्रहार किया गया कि उसकी अंदरूनी चोटों के कारण मौत हो गई।
- कुकर्म की आशंका: डॉक्टरों ने कुकर्म की आशंका जताते हुए स्लाइड बनाकर लैब जांच के लिए भेजी है।
🎭 ‘मामा’ ही निकला कातिल: आचार्य और उसकी गर्लफ्रेंड गिरफ्तार
मृतक के पिता नरेंद्र कुमार द्विवेदी ने जिस मामा (सौरभ मिश्रा) के भरोसे बेटे को गुरुकुल भेजा था, वही उसका कातिल निकला। पुलिस ने आचार्य सौरभ मिश्रा और उसकी गर्लफ्रेंड हर्षिता सोनी को गिरफ्तार कर लिया है।
- बहाना: आरोपियों का कहना है कि दिव्यांश पढ़ाई नहीं करता था, इसलिए उसे ‘सजा’ दी गई।
- लाश को घर के बाहर फेंका: हत्या के बाद आरोपी कार बुक कर बच्चे के शव को उसके घर के बाहर फेंक कर फरार हो गए थे।
💔 इकलौते बेटे की मौत से उजड़ा परिवार
दिव्यांश के पिता ने अभी 15 अप्रैल को ही उसका दाखिला इस गुरुकुल में कराया था। उन्हें क्या पता था कि जिस मामा और संस्था पर उन्होंने भरोसा किया, वे उनके इकलौते बेटे के दुश्मन बन जाएंगे।
💬 शिक्षा संस्थानों और बच्चों की सुरक्षा पर आपकी राय (कमेंट करें):
- भरोसे का कत्ल: जब सगा मामा ही रक्षक से भक्षक बन जाए, तो माता-पिता किस पर यकीन करें?
- गुरुकुल या यातना गृह?: अनुशासन के नाम पर बच्चों को सिगरेट से जलाना और उनकी जान ले लेना… क्या ऐसे संस्थानों पर तुरंत ताला नहीं लगना चाहिए?
- कड़ी सजा की मांग: क्या आपको लगता है कि ऐसे दरिंदों के लिए केवल जेल काफी है, या इनके लिए ‘फांसी’ जैसी सख्त सजा ही एकमात्र विकल्प है?

