केदारनाथ /गुजरात। उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में गुजरात के तीर्थयात्री दिलीप भाई मन्नू माली की हार्ट अटैक से मौत हो गई। लेकिन परिवार का आरोप है कि असली पीड़ा इसके बाद शुरू हुई, जब मृतक के शव को नीचे लाने के लिए उन्हें कोई सरकारी सहायता नहीं मिली।मृतक के बेटे ने आरोप लगाया कि पिता का शव घंटों खुले में पड़ा रहा, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं पहुंची। मजबूर होकर परिवार को निजी हेलीकॉप्टर किराए पर लेना पड़ा, जिसके लिए करीब 65 हजार रुपये खर्च करने पड़े।पीड़ित बेटे ने भावुक होकर सिस्टम पर सवाल खड़े किए और कहा, “अगर मुख्यमंत्री को चॉपर मिल सकता है, तो एक शव को क्यों नहीं?” इस बयान के बाद प्रशासनिक व्यवस्थाओं और तीर्थ यात्रियों की सुविधाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

