यूपी में छात्रों और अभिभावकों को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है. अब 9वीं से 12वीं तक सभी स्कूलों में सिर्फ NCERT और सरकारी मंजूर किताबें ही पढ़ाई जाएंगी. इससे महंगी प्राइवेट किताबें खरीदने का दबाव खत्म होगा और पढ़ाई में समानता आएगी. दरअसल, लंबे समय से शिकायत थी कि कई स्कूल निजी पब्लिशर्स की किताबें बेचकर कमीशन लेते थे. नए नियम के बाद इस पर रोक लगेगी और सिस्टम ज्यादा पारदर्शी बनेगा. इसका सीधा फायदा अभिभावकों को मिलेगा, क्योंकि अब कम कीमत में किताबें मिलेंगी और बेवजह का खर्च नहीं बढ़ेगा. बोर्ड ने साफ कहा है कि नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई होगी.

