उत्तराखंड के नैनीताल जनपद स्थित रामनगर नगर में अवस्थित श्री हनुमान धाम न केवल एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, बल्कि यह आस्था, साधना और सनातन संस्कृति के संरक्षण का जीवंत केंद्र भी है। यह धाम श्रद्धालुओं के लिए शक्ति, विश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का प्रमुख स्रोत माना जाता है।
विश्व प्रसिद्ध श्री हनुमान धाम की स्थापना परम श्रद्धेय आचार्य विजय श्री द्वारा की गई, जिनके मार्गदर्शन में यह धाम आज धार्मिक चेतना और आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक बन चुका है। धाम परिसर में विराजमान भगवान श्री हनुमान जी की दिव्य प्रतिमा श्रद्धालुओं को अद्भुत शांति और आत्मबल का अनुभव कराती है। यहां प्रतिदिन विधिवत पूजन, आरती, सुंदरकांड पाठ एवं रामनाम जप का आयोजन होता है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं।
श्री हनुमान धाम केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सेवा के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभाता है। समय-समय पर धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ आध्यात्मिक प्रवचन, संस्कार शिविर, भंडारे तथा सनातन संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इन आयोजनों के माध्यम से युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का सराहनीय प्रयास किया जा रहा है।
हनुमान धाम का वातावरण अत्यंत पवित्र, शांत और अनुशासित है, जो साधकों और श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति प्रदान करता है। यह धाम आज उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि देश के अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
निस्संदेह, श्री हनुमान धाम, रामनगर सनातन धर्म की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने वाला ऐसा तीर्थ स्थल है, जो भक्ति, सेवा और संस्कार—तीनों का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है।


