श्वेता चौबे और उनके पति मणिकांत दोनो उत्तराखंड पुलिस में एक आईपीएस अधिकारी के तौर पर सेवारत हैं।
श्वेता चौबे ने उत्तराखंड के कई जिलों बतौर एसएसपी सेवा देकर अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
श्वेता चौबे एक महिला सशक्तिकरण का शानदार उदाहरण हैं। एक अधिकारी के तौर पर उनका करियर शानदार रहा है इसके साथ साथ वो एक समर्पित पत्नी दो प्यारे बच्चों की ज़िम्मेदार माँ एक बेहद संवेदनशील बहू भी हैं।
सालों से पुलिस की सेवा में रहते हुए कैसे वो घर परिवार संस्कार समाज की सेवा में तालमेल बिठाती हैं अपने अपने आप में क़ाबिले तारीफ़ हैं।
पुलिस की सेवा में रहते हुए श्वेता चौबे ने शानदार उपलब्धिया हासिल की है जिसमें
महाकुंभ 2010: हरिद्वार में भीड़ और यातायात नियंत्रण की चुनौती को कुशलता से निभाया, मुख्यमंत्री सम्मान से नवाज़ा गया।
केदारनाथ आपदा 2013: राहत व बचाव कार्यों में अहम भूमिका, सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित।
अर्धकुंभ 2016 : भीड़ प्रबंधन में उत्कृष्ट प्रदर्शन।
देहरादून ग्रामीण: खनन व शराब माफिया पर सख्त कार्रवाई।
सीआईडी में भर्ती घोटाला: दोषियों पर कानूनी शिकंजा।
ऑपरेशन पिंक: महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान की शुरुआत।
पौड़ी में कानून व्यवस्था: अंकिता भंडारी हत्याकांड में तीन मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी।
पिंक टीम का गठन: थानों में महिला सुरक्षा यूनिट की स्थापना और आत्मरक्षा प्रशिक्षण।
इन उपलब्धियों और सेवााओं के लिए मुख्यमंत्री के द्वारा मिला सम्मान आगे भी ऐसे ही बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। अग्रिम भविष्य के लिए बहुत शुभकामनाएँ आपको।


