बदायूं में बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोमवार को इस्लामनगर के कांधरपुर में चुनावी रैली की। मायावती ने बदायूं, आंवला और संभल लोकसभा क्षेत्र के बसपा प्रत्याशियों के लिए जनता से समर्थन मांगा। उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए भाजपा, सपा और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।
बदायूं में बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोमवार को इस्लामनगर से दो किलोमीटर दूर स्थित कांधरपुर के मैदान में जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने टिकट बंटवारे को लेकर सपा पर निशाना साधा। भाजपा और कांग्रेस को भी आड़े हाथों लिया। मायावती ने कहा कि बदायूं में सपा ने तय ही किया है कि चुनाव उनके परिवार से ही लड़ेगा। उनकी बिरादरी से ही लड़ेगा।
उन्होंने कहा कि आंवला सीट से सपा ने हमारी पार्टी का फर्जी फॉर्म ए और बी लगाकर एक प्रत्याशी को उतार दिया ताकि बसपा का उम्मीदवार चुनाव मैदान से हट जाए। जब मुझे जानकारी मिली तो मैंने सही तथ्य मुख्य चुनाव आयुक्त के सामने रखें। इस मामले में उन्होंने न्याय दिया। हमारे प्रत्याशी का परचा वैध हो गया। मायावती ने कहा कि टिकट देने के मामले में बसपा किसी से पक्षपात नहीं करती है।
मायावती ने कहा कि आजादी से बाद से शुरू में केंद्र और राज्यों में सत्ता कांग्रेस के हाथों में ही रही है। लेकिन गलत नीतियों और कार्यप्रणाली के कारण कांग्रेस को सत्ता से बाहर होना पड़ा है। इनकी सरकारों ने दलित, पिछड़े वर्गों और बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की भी हर मामले में काफी ज्यादा उपेक्षा की है, जिसके कारण पिछले कई वर्षों से भाजपा केंद्र और कई राज्यों में काबिज हुई है। लेकिन इनकी जातिवादी, पूंजीवादी, सांप्रदायिक नीतियों व कथनी और करनी में अंतर होने की वजह से इस बार भाजपा भी केंद्र की सत्ता में आसानी से वापस आने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि इस बार चुनाव में भाजपा की पुरानी और नई नाटकबाजी नहीं चलने वाली है और न ही इनकी गारंटी काम में आने वाली है। भाजपा ज्यादातर समय बड़े-बड़े पूंजीपतियों व धन्नासेठों को मालामाल करने, उन्हें हर स्तर पर छूट देने और बचाने में लगी रही है।
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि भाजपा में सरकारी जांच एजेंसियों का राजनीतिकरण कर दिया है। भाजपा सरकार में किसान परेशान हैं। बसपा ने अपनी सरकार के दौरान किसानों के हितों का विशेष ध्यान रखा था। उन्होंने कहा कि कहा कि मुस्लिम व अन्य अल्पसंख्यक समाज के लोगों की हालत बहुत ज्यादा खराब और दयनीय हुई है। पिछले वर्षों से केंद्र व अधिकांश राज्यों में भाजपा व आरएसएस की सरकारों के चलते अब इनका विकास, उत्थान आदि होना बंद हो गया है। आए दिन हिंदुत्व का आड़ में हो रही जुल्म-ज्यादती चरम सीमा पर पहुंच चुकी है।

