सनातन धर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणियों का विरोध जरूरी: मनोज कुमार गुप्ता
टैग लाइन: श्री बालाजी भक्तजन सेवा समिति ट्रस्ट के समारोह में महामंडलेश्वर राकेश आनंद गिरि का भव्य अभिनंदन, सनातन संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक एकता का लिया संकल्प
मुरादाबाद। शहनाई मंडप में श्री बालाजी भक्तजन सेवा समिति ट्रस्ट के तत्वावधान में महामंडलेश्वर श्री राकेश आनंद गिरि जी त्रिशूलधारी को श्री पंचदशनाम संत शक्ति अखाड़ा का प्रदेश उपाध्यक्ष संत समाज घोषित किए जाने के उपलक्ष्य में भव्य स्वागत एवं अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी मुरादाबाद महानगर के पूर्व महानगर अध्यक्ष मनोज कुमार गुप्ता एडवोकेट ने पहुंचकर महामंडलेश्वर श्री राकेश आनंद गिरि जी का स्वागत किया और नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मनोज कुमार गुप्ता एडवोकेट ने कहा कि महामंडलेश्वर श्री राकेश आनंद गिरि जी द्वारा हिंदू समाज को संगठित करने, सनातन संस्कृति के संरक्षण तथा धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि संत समाज में मिली नई जिम्मेदारी सनातन परंपराओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म मानवता, सद्भाव, सह-अस्तित्व और विश्व कल्याण का संदेश देने वाली जीवन पद्धति है। ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’, ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ और ‘सर्वधर्म समभाव’ जैसे विचार सनातन संस्कृति की व्यापक भावना को दर्शाते हैं।
मनोज कुमार गुप्ता ने कहा कि सनातन धर्म के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणियों से समाज की भावनाएं आहत होती हैं। ऐसे मामलों में समाज को जागरूक रहते हुए संयम, कानूनी एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के साथ सामाजिक एकता और सद्भाव बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि संत समाज सदैव समाज को सकारात्मक दिशा देने और धार्मिक एवं सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।
उन्होंने महामंडलेश्वर श्री राकेश आनंद गिरि जी के आध्यात्मिक मार्गदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में सनातन संस्कृति के संरक्षण, धार्मिक जागरण तथा समाज में एकता एवं सद्भाव को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
इस दौरान शशांक यादव, संजय कट्टा, देवकीनंदन यादव, हिमांशु अग्रवाल, सागर सक्सैना, राजीव गुप्ता, रेनू गुप्ता, कामता प्रसाद, जतिन गुप्ता, कौशल सैनी और देवेंद्र सैनी सहित बड़ी संख्या में संत समाज, श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

