हरिद्वार। उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार से एक भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है। हर की पैड़ी पर वर्षों तक श्रद्धालुओं से जरूरतमंदों के लिए “भंडारा कर दो बाबूजी…” की मार्मिक अपील करने वाले और सोशल मीडिया पर ‘भंडारा किंग’ के नाम से प्रसिद्ध रमाशंकर गुप्ता का संदिग्ध परिस्थितियों में निधन हो गया है। उनके निधन से हरिद्वार आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में शोक की लहर है।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार को हर की पैड़ी क्षेत्र स्थित एक सार्वजनिक शौचालय से उनका शव बरामद हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है तथा उनके परिजनों की तलाश में जुटी है।
पुलिस का कहना है कि यदि निर्धारित समय के भीतर कोई परिजन सामने नहीं आता है, तो नियमानुसार शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। बताया जा रहा है कि प्रारंभिक स्तर पर पुलिस उन्हें पहचान नहीं सकी और शव को अज्ञात के रूप में मोर्चरी भेज दिया गया। बाद में सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी पहचान ‘भंडारा किंग’ रमाशंकर गुप्ता के रूप में होने की चर्चा सामने आई।
रमाशंकर गुप्ता किसी संस्था या पद के कारण नहीं, बल्कि अपनी अनूठी सेवा भावना के कारण लोगों के दिलों में बसे हुए थे। वे हर की पैड़ी पर आने वाले श्रद्धालुओं से जरूरतमंदों के लिए भोजन की व्यवस्था कराने की अपील करते थे। उनकी आवाज ने वर्षों तक हजारों भूखे लोगों तक भोजन पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसी कारण लोग उन्हें स्नेहपूर्वक ‘भंडारा किंग’ कहकर पुकारते थे।
उनका निधन केवल एक व्यक्ति की मृत्यु नहीं, बल्कि हर की पैड़ी की उस मानवीय आवाज का मौन हो जाना है, जिसने अनगिनत लोगों को सेवा और परोपकार के लिए प्रेरित किया। श्रद्धालु और स्थानीय लोग उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।

