उत्तर प्रदेश के रायबरेली की रहने वाली आरती गुप्ता ने घरेलू जिम्मेदारियों के बीच पीसीएस (PCS) परीक्षा पास कर एक मिसाल पेश की है। आरती का जीवन काफी संघर्षपूर्ण रहा; ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने बीटीसी (BTC) किया और प्राइमरी स्कूल में शिक्षिका के तौर पर काम करना शुरू किया। इस दौरान उनकी शादी हो गई और वे दो बच्चों की मां भी बनीं।
आरती के जीवन में बड़ा बदलाव तब आया जब उनके एक सहकर्मी ने उन्हें “औकात” का ताना दिया। इस अपमान को चुनौती मानकर उन्होंने बिना किसी कोचिंग के पीसीएस की तैयारी शुरू कर दी। हालांकि साल 2018 में वे मेन्स परीक्षा में असफल रहीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अपनी कड़ी मेहनत और दृढ़ निश्चय के दम पर, आरती ने साल 2020 की पीसीएस परीक्षा में पूरे प्रदेश में 12वीं रैंक हासिल की। आज आरती एक सफल प्रशासनिक अधिकारी हैं और उनका संघर्ष लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गया है।

