फिरोजाबाद (यूपी): उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में प्रशासनिक महकमे के भीतर विवाद गहराता नजर आ रहा है। जिले के डीएम रमेश रंजन पर उन्हीं की अधीनस्थ तहसीलदार राखी शर्मा ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे अफसरशाही में हड़कंप मच गया है।
राखी शर्मा का आरोप है कि जिले में बाबुओं से जुड़े करोड़ों रुपये के जमीन घोटाले की जांच के दौरान उन पर “नेगेटिव रिपोर्ट” देने का दबाव बनाया गया। जब उन्होंने ऐसा करने से इनकार किया, तो उन्हें एडवर्स एंट्री दी गई और करीब 8 महीने तक उनका वेतन रोक दिया गया।
तहसीलदार ने यह भी दावा किया कि डीएम द्वारा कुछ लोगों को उनके पीछे लगाया गया, जो उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि डीएम के पास मौजूद महंगे मोबाइल फोन और अन्य सामान उनकी कमाई से खरीदे गए हैं, जिसमें कथित रूप से ओएसडी शीलेंद्र शर्मा की भूमिका बताई जा रही है।
राखी शर्मा ने यह भी कहा कि जब उन्होंने अपने साथ हुए कथित अन्याय के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, तो उन पर रिट वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया। उनका कहना है कि उनके पास अपने आरोपों से जुड़े सभी प्रमाण मौजूद हैं।
मामले को लेकर अब उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। फिलहाल इस पूरे प्रकरण पर जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

