सरकारी रिकॉर्ड की बड़ी चूक, दिवंगत महिला सांसद को लेख लिखने का भेजा गया आमंत्रण
देहरादून, 20 मार्च 2026। उत्तराखंड की पहली महिला महापौर और राज्य की पहली निर्वाचित महिला राज्यसभा सांसद स्वर्गीय मनोरमा डोबरियाल शर्मा के नाम पर लोकसभा सचिवालय से निमंत्रण पत्र जारी होने का मामला सामने आया है। खास बात यह है कि उनका निधन 18 फरवरी 2015 को हो चुका था, जबकि यह पत्र 20 मार्च 2026 को भेजा गया। इस घटना ने प्रशासनिक लापरवाही और सरकारी रिकॉर्ड प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
महिला सांसदों के योगदान पर पुस्तक अपडेट के दौरान हुई चूक
लोकसभा सचिवालय महिला सांसदों के योगदान को दस्तावेजीकृत करने के उद्देश्य से 1993 में प्रकाशित पुस्तक का अद्यतन संस्करण तैयार कर रहा है। इसी क्रम में संयुक्त सचिव ज्योचनामयी सिन्हा के हस्ताक्षर से मनोरमा डोबरियाल शर्मा के नाम पर पत्र भेजा गया, जिसमें उन्हें महिला नेतृत्व और समकालीन चुनौतियों पर मूल लेख भेजने के लिए आमंत्रित किया गया था।
11 साल पहले हो चुका था निधन
मनोरमा डोबरियाल शर्मा का निधन 18 फरवरी 2015 को लंबी बीमारी के बाद हुआ था। उनके निधन के वर्षों बाद उनके नाम पर आधिकारिक पत्र पहुंचना न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि यह सरकारी विभागों के बीच सूचना के अद्यतन न होने की गंभीर समस्या को भी उजागर करता है।
उत्तराखंड की राजनीति में अहम भूमिका
वर्ष 2003 में देहरादून की पहली महिला महापौर बनीं
उत्तराखंड की पहली निर्वाचित महिला राज्यसभा सांसद रहीं
महिला नेतृत्व और सामाजिक कार्यों के लिए व्यापक पहचान मिली
परिवार और राजनीतिक हलकों में हैरानी
पत्र पहुंचने के बाद परिजन और स्थानीय जनप्रतिनिधि आश्चर्यचकित रह गए। मामला सामने आते ही प्रदेश भर में यह चर्चा का विषय बन गया और सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।
उठे बड़े सवाल
क्या सरकारी रिकॉर्ड समय पर अपडेट नहीं किए जाते?
क्या पूर्व जनप्रतिनिधियों के निधन की जानकारी केंद्रीय डेटाबेस तक नहीं पहुंचती?
क्या संसद जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में भी डेटा सत्यापन की प्रक्रिया कमजोर है?
निष्कर्ष
यह घटना सरकारी रिकॉर्ड प्रबंधन की खामियों को उजागर करती है और यह संकेत देती है कि डिजिटल युग में भी डेटा अपडेट और समन्वय की प्रक्रिया को और मजबूत करने की आवश्यकता है।

