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आध्यात्म, आत्मविश्वास और आधुनिक विकास का संगम — सिंगापुर में गूंजा भारत का स्वर


सिंगापुर/लखनऊ।
योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर की धरती से भारत की सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक शक्ति और आधुनिक विकास यात्रा का ऐसा प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण किया, जिसकी तुलना 139 वर्ष पूर्व स्वामी विवेकानंद द्वारा विश्व मंच पर दिए गए ऐतिहासिक संबोधन से की जा रही है। मुख्यमंत्री के संबोधन ने न केवल भारतीय समुदाय बल्कि वैश्विक निवेशकों और नीति-निर्माताओं का भी ध्यान आकर्षित किया।
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत केवल एक देश नहीं, बल्कि विश्व को मार्गदर्शन देने वाली सांस्कृतिक चेतना है। उन्होंने भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा, योग, आयुर्वेद और ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि आज का भारत परंपरा और प्रौद्योगिकी का अद्भुत संगम बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में हो रहे व्यापक परिवर्तन — डिजिटल क्रांति, इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, स्टार्टअप इकोसिस्टम और आत्मनिर्भर भारत अभियान — को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, जो कभी पिछड़ेपन की छवि से जूझ रहा था, आज देश की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और वैश्विक निवेश का केंद्र बन रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर के उद्योगपतियों और प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश में निवेश के अवसरों का उल्लेख किया। उन्होंने जेवर में विकसित हो रहे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, डिफेंस कॉरिडोर, एक्सप्रेस-वे नेटवर्क और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब संभावनाओं की धरती है।
उनका भाषण सांस्कृतिक गौरव और आधुनिक विकास के संतुलित संदेश से भरपूर रहा। उन्होंने कहा कि भारत ने सदैव विश्व को शांति, सहअस्तित्व और मानवता का संदेश दिया है, और आज भी वही भावना भारत की वैश्विक भूमिका का आधार है।
राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में मुख्यमंत्री के इस संबोधन को भारत की सॉफ्ट पावर और आर्थिक शक्ति के समन्वय के रूप में देखा जा रहा है। कई विश्लेषकों का मानना है कि जिस प्रकार स्वामी विवेकानंद ने 19वीं सदी में भारत की आध्यात्मिक पहचान को विश्व मंच पर स्थापित किया था, उसी प्रकार आज का भारत विकास और आत्मविश्वास के नए युग का प्रतिनिधित्व कर रहा है।
सिंगापुर में दिया गया यह संबोधन उत्तर प्रदेश और भारत की वैश्विक छवि को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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