उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के रहने वाले बादल बाबू को पाकिस्तान की लाहौर जेल से रिहा कराने के लिए उनके माता-पिता ने प्रयास तेज कर दिए हैं। बेटे की वापसी के लिए पिता कृपाल सिंह और मां गायत्री देवी ने पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया पूरी कर ली है और 17 मार्च को पाकिस्तान जाने की योजना बना रहे हैं।
बताया जा रहा है कि बादल बाबू साल 2024 में फेसबुक के जरिए एक पाकिस्तानी युवती के संपर्क में आए थे। प्यार पर भरोसा कर वह चोरी-छिपे सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंच गए, जहां सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अदालत ने बादल को एक साल की सजा सुनाई थी, जो वह पूरी कर चुके हैं।
हालांकि, 5 हजार रुपये का जुर्माना न भर पाने के कारण बादल अब भी लाहौर जेल में बंद हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते जुर्माने की रकम जमा नहीं हो सकी।
परिजनों के मुताबिक, उनकी बादल से आखिरी बार करीब 11 महीने पहले फोन पर बात हुई थी। इसके बाद से कोई सीधा संपर्क नहीं हो पाया है। बेटे की हालत को लेकर माता-पिता बेहद चिंतित हैं और हर दिन उसकी सलामती की दुआ कर रहे हैं।
इस बीच जिला प्रशासन ने भी परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय के जरिए जरूरी कूटनीतिक प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी, ताकि बादल की जल्द से जल्द रिहाई संभव हो सके।
परिजनों को उम्मीद है कि वीजा और औपचारिकताएं पूरी होते ही वे पाकिस्तान जाकर बेटे को अपने साथ भारत वापस ला

