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हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, एआरटीओ पुष्पांजलि मित्रा गौतम का निलंबन रद्द—शासन को झटका

हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, एआरटीओ पुष्पांजलि मित्रा गौतम का निलंबन रद्द—शासन को झटका

ओवरलोडिंग व लोकेशन प्रकरण में बड़ी राहत, आज फिर संभाला कार्यभार

एसटीएफ मुकदमे के बाद मेडिकल अवकाश पर गई थीं एआरटीओ

कोर्ट से अरेस्ट स्टे मिलने के बाद की थी ज्वाइनिंग

01 जनवरी को शासन ने किया था निलंबित, हाईकोर्ट ने माना गलत

अवैध खनन के बड़े सिंडिकेट पर चुप्पी, खनन अधिकारी पर अब तक कार्रवाई नहीं

फतेहपुर। ओवरलोडिंग एवं लोकेशन के मामले में शासन द्वारा निलंबित की गईं एआरटीओ पुष्पांजलि मित्रा गौतम को माननीय उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने एआरटीओ का निलंबन आदेश खारिज करते हुए इसे असंगत ठहराया। कोर्ट के फैसले के बाद एआरटीओ ने शुक्रवार को पुनः कार्यभार ग्रहण कर लिया।

गौरतलब है कि एसटीएफ द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में एआरटीओ सहित अन्य अधिकारियों को नामजद किया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद एआरटीओ मेडिकल अवकाश पर चली गई थीं। बाद में न्यायालय से अरेस्ट स्टे मिलने पर उन्होंने ज्वाइनिंग की थी, लेकिन शासन ने 01 जनवरी को उन्हें निलंबित कर दिया था। निलंबन के खिलाफ एआरटीओ ने हाईकोर्ट का रुख किया, जहां से उन्हें न्याय मिला।

दूसरी ओर जिले में बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध खनन को लेकर प्रशासन की भूमिका सवालों के घेरे में है। एसटीएफ में नामजद होने के बावजूद खनन अधिकारी पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि अवैध खनन के बड़े सिंडिकेट का खनन अधिकारी मजबूत मोहरा है और उसने अकूत संपत्ति एकत्र कर ली है। यदि संपत्ति की निष्पक्ष जांच हो, तो कई चेहरों से नकाब उतर सकता है।

हाईकोर्ट के इस फैसले को न केवल प्रशासनिक कार्रवाई पर बड़ा संदेश माना जा रहा है, बल्कि अवैध खनन पर चयनात्मक कार्रवाई को लेकर भी बहस तेज हो गई है।

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