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गणतंत्र दिवस परेड में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित की गईं गोरखपुर की मंशा और राजकुमारी

डबल इंजन सरकार के प्रोत्साहन से बनीं स्वावलंबी, चमकेंगी राष्ट्रीय फलक पर

गणतंत्र दिवस परेड में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित की गईं गोरखपुर की मंशा और राजकुमारी

खुद बनीं लखपति दीदी, अन्य महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणास्रोत

गोरखपुर, 24 जनवरी। डबल इंजन सरकार की योजनाओं से मिले प्रोत्साहन और आत्मनिर्भर बनने के मजबूत संकल्प ने गोरखपुर की दो महिलाओं मंशा देवी और राजकुमारी देवी को ‘लखपति दीदी’ बना दिया। उनकी प्रेरक सफलता की कहानी अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने जा रही है। इस वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित होने वाली परेड में इनको विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है, जहां उनकी उपलब्धियां देश भर की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगी।

गणतंत्र दिवस परेड में उत्तर प्रदेश की कुल 14 लखपति दीदी को विशेष अतिथि के रूप में प्रतिभाग करने के लिए चयनित किया गया है। इनमें से दो गोरखपुर की हैं। एक ब्रह्मपुर ब्लॉक की मंशा देवी और दूसरी कैम्पियरगंज क्षेत्र की राजकुमारी देवी हैं। दोनों ने सरकार की योजना का लाभ उठाकर कामयाबी की नजीर बनी हैं। बात पहले मंशा देवी की। मंशा ब्रह्मपुर ब्लॉक के ग्राम हरपुर की निवासी हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण मंशा ने स्वयं सहायता समूह से कुछ अलग करने की ठानी। सेल्फ मोबिलिटी कार्यक्रम के तहत उन्होंने ई रिक्शा उद्यम शुरू किया। मुद्रा योजना से 1.25 लाख रुपये का लोन लिया। ई रिक्शा चलाने के साथ ही उन्होंने अन्य महिलाओं को भी ट्रेनिंग देनी शुरू की। वर्तमान समय में मंशा प्रतिमाह 20000 रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। उनकी सफलता ने अन्य कई महिलाओं को भी प्रेरित कर स्वावलंबी बनने को अग्रसर किया है।

मंशा की तरह, राजकुमारी देवी भी गणतंत्र दिवस पर गोरखपुर का मान बढ़ाएंगी। कैम्पियरगंज तहसील क्षेत्र के भरोहिया ब्लॉक के ग्राम रखही की राजकुमारी देवी एक साधारण गृहिणी थी। उनके जीवन में परिवर्तन तब आया जब वह फरवरी 2025 में श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन से जुड़ीं। इस मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन का गठन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से हुआ है। राजकुमारी के घर एक भैंस पहले से थी लेकिन मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन से जुड़ने के बाद अब उनके पास दो गाय और चार भैंस हैं। इससे वह प्रतिदिन 25 से 30 लीटर दूध की बिक्री ऑर्गनाइजेशन के संग्रह केंद्र पर करती हैं। अब वह न केवल लखपति दीदी बन गईं हैं बल्कि उन्हें संस्था में निदेशक की भी जिम्मेदारी मिल गई है।

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