UP के महोबा से रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी ओमप्रकाश सिंह राठौर जो रेलवे में सीनियर क्लर्क से रिटायर हुए थे वह रिटायरमेंट के बाद अपनी पत्नी और अपनी एक दिव्यांग बेटी और खुद की देखभाल के लिए रामप्रकाश कुशवाहा और उसकी पत्नी रमा देवी को रखा था
कुछ समय बाद रिटायर्ड रेल कर्मचारी ओम प्रकाश सिंह की धर्मपत्नी का निधन हो गया और घर में केवल बाप बेटी रहे ओम प्रकाश सिंह भी बुजुर्ग हो गए थे तो नौकर दम्पति के मन में उनका जायजाद और पेंशन हड़पने का एक खतरनाक तरीका अपनाया
और उसने रिटायर्ड कर्मचारी ओम प्रकाश सिंह को और उनकी विकलांग बेटी को एक-एक कमरे में बंद कर दिया और पूरे 5 साल तक बंद करके रखा
उन्हें नाम मात्र को खाना दिया जाता था बाहर की धूप नहीं मिलती थी और ऐसे नर्क और कैद की हालत में ओमप्रकाश सिंह का निधन हुआ और उनकी 27 साल की बेटी को नर कंकाल की स्थिति में अस्पताल में भर्ती किया गया…
मानवता मर रही है किसी की संपत्ति या पैसा हड़पने के लिए थोड़ा मौका मिलते ही इंसान ही इंसान दुश्मन बन जाता है!

