महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से महिला द्वारा 23 सालों तक खुद को भारतीय सेना का कैप्टन बताने का फर्जीवाड़ा सामने आया है. मामले में दौलताबाद पुलिस और पुणे स्थित साउदर्न कमांड मिलिट्री इंटेलिजेंस की संयुक्त कार्रवाई की और महिला के फर्जीवाड़े का खुलासा किया. महिला की पहचान रुचिका अजीत जैन के नाम से हुई है. वो दौलताबाद के धरमपुर की रहने वाली वाली है.
मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने महिला के घर छापेमारी की. इस दौरान इसके घर से कई सेना की वर्दियां, नेमप्लेट, नकली पहचान पत्र, मेडल, सैनिकों की तस्वीरें और कई संगठनों से मिले सम्मान पत्र मिले, जिसे जप्त कर लिया गया है.
पुलिस जांच में सामने आया की महिला कई आर्मी भर्ती कराने वाली अकादमियों में जाती थी और छात्रों को प्ररित करने का काम करती थी. इस दौरान महिला को कैप्टन बताया जाता और लोग उसे सलामी ठोकते थे. महिला को VIP ट्रीटमेंट भी मिलता था. महिला को कई सामाजिक संगठनों ने भी सम्मानित किया है.
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