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जिस जेल में काटी 8 साल की सजा, अब वहीं पर कर रहा नौकरी

पत्नी की माैत मामले का आरोपी एक नवंबर 2015 से जेल में सजा काट रहा है। पुर्नवास योजना ने आरोपी की तकदीर बदल दी। मऊ के जिला जेल में बिकेश कंप्यूटर ऑपरेटर की सेवा दे रहे हैं।
सजा पूरी होने के बाद जेल से निकले कैदियों के लिए बनाई गई पुर्नवास योजना ने कैदी बिकेश प्रजापति की तकदीर बदल दी है। बिकेश जहां 8 साल से अधिक तक पत्नी की मौत के मामले में सजा भुगते, अब वह वहीं पर कंप्यूटर ऑपरेटर की सेवा दे रहे हैं।
बिकेश जिला जेल में दहेज हत्या के आरोप में सजा काट चुके हैं। जिला जेल द्वारा भेजी गई रिपोर्ट पर शासन स्तर से उनके बेहतर व्यवहार और अच्छे चाल चलन को देखते हुए 14 माह की सजा कम कर दी। अब वहीं उसके बेहतर कंप्यूटर दक्षता को देखते हुए उसे जिला जेल में ही संविदा कर्मचारी के पद पर तैनाती कर दी गई है।
जेल अधीक्षक आनंद शुक्ला ने बताया कि पुर्नवास योजना के तहत इसी जेल से बीते मई 2024 में रिहा शहर कोतवाली क्षेत्र के अस्तुपूरा निवासी बिकेश प्रजापति को संविदा पर तैनात किया गया। एक नवंबर 2015 को बिकेश कैदी के रूप में 10 साल की सजा मिलने के बाद जिला जेल आए थे।

वह कंप्यूटर में पहले से ही दक्ष थे। बिकेश स्नातक के साथ एडवांस डिप्लोमा इन कंप्यूटर का कोर्स किया था। सजा होने से पहले वह इसी क्षेत्र में काम करता है, इससे पहले वह पत्नी की हत्या के आरोप में उसे सजा हो गई। 14 माह की सजा कम होने के बाद वह आठ वर्ष से ज्यादा की सजा काट कर मई 2024 में रिहा हुआ था।
जेल में मिली नौकरी तो बोला कि कोर्स करने का मकसद हुआ पूरा
बिकेश प्रजापति ने बताया कि 24 मई 2014 को शादी संगीता प्रजापति से हुई थी, एक साल बाद अक्तूबर 2015 में उसकी मौत हो गई। उसके ससुराल के लोगों ने उसे ही पत्नी की हत्या का आरोपी बनाते हुए उसके खिलाफ केस दर्ज कराया। जहां उसे 10 साल की सजा हुई, जिस समय उसे सजा हुई वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा होने के साथ उस पर परिवार को संभालने की जिम्मेदारी थी।

इसके लिए उसने कंप्यूटर का कोर्स किया, कोर्स के बाद वह एक टेलीकॉम कंपनी में ऑपरेटर बन गया। जेल से छूटने के बाद उसे दुबारा से कहीं नौकरी न मिलने की उम्मीद थी। लेकिन पुर्नवास योजना ने उसकी सोच और उसकी जिंदगी बदल दी।

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