कोलकाता, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के ब्रिगेड मैदान मे आगामी 24 जनवरी को भाजपा संगठित संगठन अखिल भारतीय संस्कृति परिषद द्वारा आयोजित होने वाली गीता पाठ को लेकर काफी जोर सोर से तैयारियां शुरू हो गई हैं, बताया जा रहा है की इस कार्यक्रम मे लगभग एक लाख लोग उपस्थित होंगे जो एक साथ गीता पाठ करेंगे सबसे बड़ी बात यह है की इस कार्यक्रम मे खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उपस्थित होंगे, अनुमान लगाया जा रहा है की इस कार्यक्रम मे गितापाठ करने वाले लोगों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी गिता पाठ कर सकते हैं, वहीं कोलकाता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उपस्थिति मे आयोजित होने वाली गिता पाठ कार्यक्रम को लेकर तृणमूल की पहल ओर राज्य सनातन ब्राह्मण ट्रस्ट ने भी कोलकाता मे ठीक उसी जगह चंडी पाठ करने का निर्णय ले लिया है जिस जगह पर भाजपा संगठित संगठन अखिल भारतीय संस्कृति परिषद द्वारा गिता पाठ का कार्यक्रम करवाया जा रहा है, हालांकि की अभी तक राज्य सनातन ब्राह्मण ट्रस्ट द्वारा चंडी पाठ करवाने की सटीक तिथि की घोषणा नही हुई है, पश्चिम बंगाल मे होने वाली लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा और तृणमूल के बिच हिंदू वोटरों को अपने पाले मे लेने के लिये खेला गया यह सियासी कार्ड कितना और किस हद तक काम आएगा उसका जवाब तो लोकसभा चुनाव के दौरान बंगाल की जनता ही देगी, पर लोकसभा चुनाव से पहले बंगाल मे इस बार गिता पाठ बनाम चंडी पाठ की लड़ाई जरूर शुरू होती दिखाई दे रही है, वैसे भी भाजपा हर बार बंगाल मे तृणमूल के ऊपर मुस्लिम वोटरों के साथ तृस्टिकरन की राजनीती करने के आरोप लगाती रही है, साथ मे हिंदू वोटरों को हमेशा अवहेलना करने का आरोप भी हालांकि ममता बैनर्जी ने भाजपा के द्वारा लगाए गए तमाम आरोपों को ख़ारिज करते हुए उन्होने दुर्गापूजा के दौरान सरकारी फंड से पूजा पंडालों को आर्थिक सहयोग राशि देने व मस्जिदों के इमामों व मंदिरों के पुजारीयों को आर्थिक रूप से मदद करने के लिये भत्ता देने की बात कहते हुए यहाँ तक कह डाला है की वह ब्रह्मण हैं उनको बिजेपी नही सिखाए उनको क्या करना है क्या नही वह राज्य की मुख्यमंत्री होने के नाते उनको उनकी जिम्मेवारियां समझ मे आती हैं राज्य मे रहने वाले हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सब उनके लिये समान हैं राज्य मे हर जाती हर भाषा के लोग एक साथ भाईचारगी से मिलकर रहते हैं, वहीं ममता बैनर्जी भाजपा की तमाम रणनीतियों को समझती हैं इस लिये वह पार्टी मे ऐसा कोई कमी नही छोड़ना चाहती जिससे भाजपा को बंगाल मे सेंध मारने मे और आसानी हो जाए क्योंकी भाजपा ने बंगाल मे आदिवासी और हिंदुत्व कार्ड खेलकर ही लोकसभा के चुनाव मे 42 सीटों मे से 18 सीटों पर अपना कब्ज़ा जमाया था जिससे तृणमूल को जोरदार झटका लगा था, इस बार भी भाजपा लोकसभा चुनाव के दौरान अपना फोकस ज्यादातर हिंदू और आदिवासी वोटरों पर बनाए हुए हैं शायद इसी लिये लोकसभा चुनाव से पहले कोलकाता मे इतने भारी पैमाने पर गिता पाठ का आयोजन करवाने जा रही है, जिस कार्यक्रम मे खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उपस्थित होने वाले हैं ऐसे मे तृणमूल ने भी भाजपा द्वारा आयोजित होने वाली गिता पाठ का जवाब चंडी पाठ से देने के लिये अपनी कमर पूरी तरह कस ली है

