“श्रद्धा की राह में सुरक्षा का संकल्प—योगी सरकार में कांवड़ियों की सेवा और सुरक्षित यात्रा को सर्वोच्च प्राथमिकता।”
कांवड़ियों की सेवा में जुटा पुलिस-प्रशासन, व्यवस्था पर लगातार नजर
मुरादाबाद। श्रावण मास में भगवान भोलेनाथ के भक्तों की आस्था का सबसे बड़ा पर्व कांवड़ यात्रा अपने चरम की ओर बढ़ रहा है। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी इस यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दे रहा है।
कांवड़ यात्रा को लेकर शासन स्तर से लगातार दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं, वहीं मुरादाबाद में भी प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों द्वारा व्यवस्थाओं का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। अधिकारियों का प्रयास है कि दूर-दराज से आने वाले किसी भी कांवड़ यात्री को रास्ते में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
सुरक्षा व्यवस्था की बात करें तो पुलिस बल के साथ-साथ सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मी भी कांवड़ मार्गों पर नजर बनाए हुए हैं। ट्रैफिक व्यवस्था, रूट डायवर्जन, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।
मुरादाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं जिलाधिकारी सहित वरिष्ठ अधिकारी लगातार कांवड़ मार्गों का निरीक्षण कर अधीनस्थ अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं। अधिकारियों का स्पष्ट संदेश है कि कांवड़ यात्रा के दौरान ड्यूटी में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
वहीं जिला प्रशासन की ओर से भी सड़क, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और जल निकासी जैसी व्यवस्थाओं को बेहतर करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। नगर निगम सहित संबंधित विभागों की टीमें कांवड़ मार्गों पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटी हैं। सड़कों के गड्ढे भरने से लेकर बरसात के पानी की निकासी तक पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कांवड़ खंडित होने पर भी श्रद्धालुओं की मदद की तैयारी
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था और भावनाओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस चौकियों और थानों पर गंगाजल की व्यवस्था किए जाने की पहल भी सामने आई है, ताकि किसी कांवड़िए की कांवड़ खंडित होने की स्थिति में उसे तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
पुलिस-प्रशासन की इस संवेदनशील पहल की श्रद्धालुओं द्वारा भी सराहना की जा रही है। सुरक्षा के साथ-साथ श्रद्धालुओं की भावनाओं का ध्यान रखना यह दर्शाता है कि कांवड़ यात्रा को केवल कानून-व्यवस्था की चुनौती के रूप में नहीं, बल्कि आस्था और सेवा के पर्व के रूप में भी देखा जा रहा है।
हालांकि आने वाले दिनों में कांवड़ियों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन के सामने ट्रैफिक नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन और आम नागरिकों की सुविधाओं को बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। इसके बावजूद जिस तरह से अभी तक व्यवस्थाओं पर नजर रखी जा रही है, उससे प्रशासन की तैयारियां मजबूत दिखाई दे रही हैं।
कुल मिलाकर कांवड़ यात्रा में सुरक्षा, सेवा और सुगम व्यवस्था का जो मॉडल दिखाई दे रहा है, उसमें योगी सरकार की स्पष्ट प्राथमिकता नजर आती है—आस्था के मार्ग पर चलने वाले हर श्रद्धालु को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करान

