मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड में आरोपी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला की चिंता अब बढ़ती नजर आ रही है. जैसे-जैसे मामला अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है, दोनों आरोपियों को सजा का डर सताने लगा है. वहीं, करीब 13 महीने बाद मैन्युअल पेशी पर पहुंची मुस्कान का बदला हुआ व्यक्तित्व, उसका सजा-धजा रूप, धार्मिक झुकाव और सह-आरोपी साहिल के साथ उसकी खामोशी, इन सभी पहलुओं ने इस मामले को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है. जहां एक ओर उसका बाहरी रूप लोगों को चौंका रहा था, वहीं दूसरी ओर उसके व्यवहार और रिश्तों में आए बदलाव ने जांच और चर्चाओं को नई दिशा दे दी है.
कोर्ट परिसर में पहुंची मुस्कान का लुक सबसे ज्यादा चर्चा में रहा. गले में रुद्राक्ष की माला, नाखूनों पर ब्लैक नेलपॉलिश और पूरी तरह सजे-धजे रूप में उसे देखकर लोग ठिठक गए. पति की हत्या के आरोप में घिरी महिला का इस तरह तैयार होकर आना लोगों के बीच सवालों का कारण बन गया. उसकी गोद में मौजूद बच्ची ने भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा, जिससे अदालत परिसर में उसकी मौजूदगी और अधिक चर्चा में आ गई. मुस्कान के साथ सह-आरोपी साहिल भी कोर्ट में मौजूद था, लेकिन दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई. जो दोनों पहले एक-दूसरे के बेहद करीब बताए जाते थे, इस बार उनके बीच साफ दूरी नजर आई.
जेल प्रशासन के अनुसार मुस्कान के व्यवहार में पिछले कुछ महीनों में बड़ा बदलाव आया है. वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज ने बताया कि जब वह जेल में आई थी, तब उसे नशे की आदत थी, लेकिन अब वह पूरी तरह धार्मिक गतिविधियों में लीन रहती है. बताया गया कि वह रोजाना कई घंटे पूजा-पाठ में बिताती है, सुबह सुंदरकांड का पाठ, दोपहर में भगवान शिव की आराधना और शाम को भजन में समय देती है. पेशी से पहले उसने दो दिन का व्रत भी रखा था, जिससे उसके धार्मिक झुकाव का अंदाजा लगाया जा सकता है. मुस्कान के सजे-धजे रूप को लेकर उठे सवालों पर जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि हर महिला को सजने-संवरने का अधिकार है. संभावना जताई गई कि उसने जेल में ही अन्य महिला कैदियों से श्रृंगार का सामान लिया होगा. प्रशासन का कहना है कि उसके धार्मिक झुकाव के चलते उसने अपनी जीवनशैली में बदलाव किया है और अब वह भगवान शिव को अपना इष्ट मानते हुए उसी के अनुसार दिनचर्या अपना रही है.

