बस्ती/प्रयागराज:
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह इन दिनों एक मामले को लेकर चर्चा में हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या के एक केस में पुलिस की गंभीर लापरवाही पर सख्त नाराजगी जताते हुए एसपी को अदालत में चार घंटे तक खड़े रहने का निर्देश दिया।
दरअसल, यह मामला एक युवती की हत्या से जुड़ा है, जिसमें पुलिस की ओर से कोर्ट में दाखिल शपथ पत्र में कई खामियां पाई गईं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट समय पर पेश नहीं की गई। जब रिपोर्ट अदालत में पेश की गई, तो उसमें वे अहम सबूत नहीं मिले जिनका उल्लेख पुलिस की जांच में किया गया था।
इस पर कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि जिले के मुखिया होने के नाते एसपी की जिम्मेदारी बनती है कि अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी की सही तरीके से जांच और सत्यापन करें। अदालत ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए नाराजगी जताई।
हालांकि, सुनवाई के दौरान डॉ. यशवीर सिंह ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कोर्ट से माफी मांगी। इसके बाद कोर्ट ने सख्त सजा देने के बजाय उन्हें चेतावनी देते हुए अदालत उठने तक खड़े रहने का निर्देश दिया।
बता दें कि डॉ. यशवीर सिंह 2013 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और उन्होंने वर्ष 2012 में संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास की थी। अपनी तेज और सख्त कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले यशवीर सिंह वेटरनरी साइंस में स्नातक हैं और आईपीएस बनने से पहले पशु चिकित्सक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। फिलहाल वे बस्ती जिले में एसपी के पद पर तैनात हैं।

