जौनपुर। सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाने में लापरवाही बरतने पर Supreme Court of India ने जौनपुर के जिलाधिकारी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि पहले दिए गए आदेश के बावजूद प्रशासन ने जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए।
मामला जौनपुर की सदर तहसील के कंधरपुर गांव की लगभग 6 बीघा ग्राम सभा की जमीन से जुड़ा है। इस जमीन पर लंबे समय से अवैध कब्जा होने की शिकायत की जा रही थी। गांव के निवासी जयप्रकाश दुबे ने कई वर्ष पहले प्रशासन से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई न होने के बाद वर्ष 2023 में मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। अदालत ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया था कि ग्राम सभा की जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए। हालांकि आदेश के बावजूद प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।
इस पर नाराजगी जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकारी जमीन की सुरक्षा करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। अदालत ने जिलाधिकारी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए भविष्य में न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

