लखनऊ।
पूर्व प्रधानमंत्री एवं ‘भारत रत्न’ श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्म शताब्दी वर्ष समारोह के अवसर पर आज लखनऊ में एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ‘एक देश, एक विधान, एक निशान और एक प्रधान’ के उद्घोषक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी, अंत्योदय के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय जी तथा सुशासन को मूर्त रूप देने वाले श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की वैचारिक और राष्ट्रीय विरासत को समर्पित ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का भव्य लोकार्पण प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने कर-कमलों से किया।
इस गरिमामयी अवसर पर देश के लोकप्रिय एवं वरिष्ठ नेता, माननीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ तथा उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, बुद्धिजीवी वर्ग एवं आम नागरिक उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय जी और श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने राष्ट्र निर्माण के लिए जो वैचारिक आधार और दिशा दी, वही आज आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प का मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों का जीवन देश की एकता, अखंडता, सामाजिक समरसता और सुशासन का प्रतीक रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश को राष्ट्रवादी विचारधारा के इन महान स्तंभों से प्रेरणा मिली है और उनकी विरासत को संजोने का यह प्रयास प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा और कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का व्यक्तित्व राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाला था, जबकि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी और पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के विचार आज भी भारत की नीति और दिशा को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी महापुरुषों की पावन स्मृतियों को नमन किया गया तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति इस प्रेरणादायी पहल के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया गया। ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ निश्चित रूप से देशवासियों के लिए प्रेरणा, चिंतन और राष्ट्रभक्ति का एक सशक्त केंद्र बनेगा।


