गोरखपुर जिले के भटहट ब्लॉक से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है।
यह कहानी एक 28 वर्षीय विधवा की है, जिसके जीवन में उसके पति की मौत के बाद सबसे ज़्यादा सहारे की ज़रूरत थी। लेकिन मदद करने के बजाय, गांव के ही कुछ जिम्मेदार लोगों ने उसकी मजबूरी को हथियार बना लिया। पति की मौत के बाद वह राशन कार्ड, विधवा पेंशन और सरकारी योजनाओं के लिए अधिकारियों के पास गई। लेकिन हैरानी की बात यह है कि ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक और सेक्रेटरी सहित लगभग 13 लोगों ने उसे सुविधाएँ दिलाने का लालच देकर शारीरिक शोषण किया। धीरे-धीरे हालात इतने बिगड़ गए कि महिला की तबीयत खराब रहने लगी।उसे डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहाँ खून की रिपोर्ट में HIV पॉजिटिव आने का खुलासा हुआ। संदेह होने पर उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज के एआरटी सेंटर भेजा गया, जहाँ रिपोर्ट दोबारा पॉजिटिव आई। इसके बाद वे सभी 13 लोग, जिन्होंने उसका शोषण किया था, डर के कारण जांच कराने पहुंचे—और सभी HIV पॉजिटिव पाए गए।
काउंसिलिंग में महिला ने बताया कि पति की मौत से पहले ही उसे संक्रमण लग चुका था, और वही संक्रमण आगे उन लोगों तक पहुँच गया, जिन्होंने उसका गलत फायदा उठाया।

