मुस्कान की बेटी की शिक्षा का खर्च उठाएंगी कवयित्री अनामिका जैन अंबर, जेल में की मुलाकात
मेरठ। चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में दोषी करार दी गई मुस्कान की बेटी के भविष्य को लेकर कवि दंपति सौरभ जैन सुमन और डॉ. अनामिका जैन अंबर ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया है। उन्होंने मुस्कान की दुधमुंही बेटी के आत्मनिर्भर होने तक उसकी देखभाल और भविष्य को ध्यान में रखते हुए फांसी की सजा टालने की मांग की है। साथ ही बच्ची की शिक्षा का पूरा खर्च उठाने की घोषणा भी की है। जैनाचार्य सौरभ सागर जी महाराज के 56वें जन्म जयंती महोत्सव के अवसर पर कवि दंपति ने जिला कारागार में बंदियों को फल वितरित किए। इसी दौरान उनकी मुलाकात नीले ड्रम हत्याकांड में दोषी करार दी गई मुस्कान से भी हुई। डॉ. अनामिका जैन अंबर के अनुसार, बातचीत के दौरान मुस्कान की आंखों में आंसू थे। उसे अपनी मासूम बेटी के भविष्य की चिंता सता रही है। एक मां की इस चिंता को महसूस करते हुए अनामिका जैन अंबर ने बच्ची को अपने स्कूल में निःशुल्क शिक्षा देने और उसकी पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने का संकल्प लिया। कवि दंपति ने बच्ची के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मुस्कान की फांसी की सजा तब तक टालने की मांग की है, जब तक उसकी बेटी आत्मनिर्भर नहीं हो जाती। इस पहल ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि किसी अपराध की सजा के बीच उस मासूम बच्चे के भविष्य को किस तरह सुरक्षित रखा जाए, जिसका अपने माता-पिता के फैसलों में कोई दोष नहीं है। बच्ची की शिक्षा का जिम्मा उठाने की घोषणा को इसी मानवीय दृष्टिकोण से देखा जा रहा है।